सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आजकल पेट की सूजन और भारीपन कम करने के लिए लिम्फैटिक वॉकिंग की चर्चा बढ़ रही है। दावा किया जाता है कि खास तरीके से चलने से शरीर में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने और पेट की सूजन कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे पेट की सूजन का कोई निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार, शारीरिक गतिविधि और हल्की वॉकिंग शरीर में रक्त संचार तथा लसीका द्रव के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। लसीका तंत्र से जुड़ी सूजन में व्यायाम को उपचार का हिस्सा बनाया जाता है। अगर पेट फूलने की वजह गैस, कब्ज या लंबे समय तक बैठे रहना है, तो नियमित हल्की वॉकिंग से राहत मिल सकती है। विशेषज्ञ स्रोत भी पेट फूलने की समस्या में नियमित शारीरिक गतिविधि और चलने को उपयोगी बताते हैं।
लेकिन हर पेट की सूजन लसीका तंत्र से जुड़ी नहीं होती। गैस, कब्ज, भोजन संबंधी असहिष्णुता और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। इसलिए लगातार या तेजी से बढ़ती पेट की सूजन को केवल वॉकिंग से ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। यदि पेट में लगातार सूजन, दर्द, सांस लेने में परेशानी या शरीर के अन्य हिस्सों में भी असामान्य सूजन दिखाई दे, तो चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। लसीका तंत्र से जुड़ी वास्तविक समस्या में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार व्यायाम, लसीका निकासी मालिश और अन्य उपचार अपनाए जाते हैं।
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