सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कोलकाता। पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार विधानसभा के अगले सत्र में राज्य का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंगा’ करने के लिए विधेयक पेश कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नाम राज्य के इतिहास और पहचान से जुड़ा हुआ है। शमीक भट्टाचार्य के अनुसार, राज्य का नाम ‘पश्चिम बंगा’ रखने का उद्देश्य इसे उसके ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ना है। उन्होंने पहले किए गए ‘बांग्ला’ नामकरण के प्रयास का भी उल्लेख किया और कहा कि अब सरकार ‘पश्चिम बंगा’ नाम को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। विधेयक विधानसभा में पारित होने के बाद इसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
पश्चिम बंगाल के नाम में बदलाव का मुद्दा नया नहीं है। 1999 में ज्योति बसु के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार ने विधानसभा में राज्य का नाम ‘पश्चिम बंगाल’ के स्थान पर ‘पश्चिम बंगा’ करने का प्रस्ताव रखा था। बाद में ‘बांग्ला’ नाम पर भी चर्चा हुई, लेकिन प्रस्ताव पर राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी और केंद्र से मंजूरी नहीं मिली। इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने भी कई बार राज्य का नाम बदलने की पहल की। 2018 में विधानसभा ने ‘बांग्ला’ नाम के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन केंद्र की मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह बदलाव लागू नहीं हो सका। अब भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ओर से ‘पश्चिम बंगा’ नाम का प्रस्ताव सामने आया है। नाम परिवर्तन का अंतिम फैसला विधानसभा की प्रक्रिया और उसके बाद केंद्र सरकार की संवैधानिक मंजूरी पर निर्भर करेगा।
Hashtags: #NationalIndia #Bhopal #बदलन #आएग #एनएन #टवर #आईट #सरक #नसभ #पशचमब