सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पटना। बिहार सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकारी स्कूलों के चुनिंदा शिक्षकों को विदेश भेजने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों, आधुनिक तकनीक और विद्यार्थियों के मूल्यांकन के तरीकों से परिचित कराना है। इसके साथ ही, राज्य के नए सहायक प्रोफेसरों को भी प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण देने की योजना है।

किन स्कूल शिक्षकों को मिलेगा मौका? बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन शिक्षकों को प्राथमिकता दिए जाने की तैयारी है, जो पढ़ाई के साथ विद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। चयन के दौरान शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, कक्षा में उनके प्रदर्शन और शिक्षण के नए तरीकों को अपनाने की पहल जैसे पहलुओं पर विचार किया जा सकता है। इच्छुक शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, स्कूल शिक्षकों के चयन के लिए अंतिम मानदंड अभी घोषित नहीं किए गए हैं। शिक्षा विभाग छठ पर्व के बाद चयन प्रक्रिया और संबंधित नियमों को अंतिम रूप देने की तैयारी में है।

विदेश जाकर क्या सीखेंगे शिक्षक? चयनित शिक्षकों को विदेश के स्कूलों में पढ़ाई के तरीकों को समझने का अवसर मिलेगा। इसमें आधुनिक शिक्षण तकनीक, विद्यार्थियों के गृहकार्य का मूल्यांकन, कक्षा में डिजिटल साधनों का इस्तेमाल और पढ़ाई के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का संचालन जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। शिक्षकों को यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि विदेशी स्कूल अभिभावकों के साथ किस तरह संवाद करते हैं और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर किस प्रकार नजर रखते हैं। प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को अपने अनुभव और सीखी गई पद्धतियों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी, ताकि उपयोगी तरीकों को बिहार के स्कूलों में अपनाने की संभावनाएं तलाशी जा सकें।

100 नए सहायक प्रोफेसरों को भी प्रशिक्षण स्कूल शिक्षकों के अलावा बिहार सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण की योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों के एक कार्यक्रम में घोषणा की थी कि 2,451 नए सहायक प्रोफेसरों में से 100 का चयन विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण और शैक्षणिक परिचय कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा। इन शिक्षकों को ऑक्सफोर्ड सहित अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण देने की योजना है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता सुधारना, शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करना और शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक तरीकों से परिचित कराना है। इस प्रशिक्षण का खर्च राज्य सरकार उठाने की योजना बना रही है।

आवेदन से पहले आधिकारिक सूचना का इंतजार स्कूल शिक्षकों के लिए विदेश यात्रा के अंतिम चयन मानदंड, संबंधित देशों और आवेदन की समयसीमा की घोषणा अभी बाकी है। इसलिए इच्छुक शिक्षकों को शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए। चयन प्रक्रिया घोषित होने के बाद ही पात्रता और आवेदन से जुड़ी विस्तृत जानकारी स्पष्ट होगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य बिहार में शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करना और शिक्षकों को नए शैक्षणिक अनुभव उपलब्ध कराना है। यदि प्रशिक्षण से सीखे गए तरीकों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू किया जाता है, तो इसका लाभ विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सकता है।


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