सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / पटना : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा कि यह राज्य न केवल धर्म और ज्ञान की भूमि रहा है, बल्कि इसने भारत को अनेक क्रांतिकारी विचारक, दार्शनिक और समाज सुधारक भी दिए हैं। धनखड़ ने यह बात सोमवार को पटना में एक शैक्षणिक समारोह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा, “बिहार की धरती ने बुद्ध, महावीर, चाणक्य, आर्यभट्ट और वल्लभाचार्य जैसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। यह भूमि केवल भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि विचारों के स्तर पर भी देश का मार्गदर्शन करती रही है।”
धनखड़ ने कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्यों का समावेश ही बिहार की आत्मा रही है और आज की युवा पीढ़ी को इसी परंपरा से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प में बिहार की भूमिका अहम होगी।
समारोह में राज्यपाल, शिक्षाविद, विद्यार्थी और गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति ने छात्रों से आह्वान किया कि वे ज्ञान को केवल डिग्री तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समाज के कल्याण में प्रयोग करें।
उन्होंने अंत में कहा, “बिहार ने अतीत में देश को दिशा दी है और मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में भी यही भूमि राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगी।”
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