सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देश के विभिन्न हिस्सों से आए असाधारण साहस, प्रतिभा और सेवा भावना से ओतप्रोत 20 बच्चों को इस वर्ष बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें क्रिकेटर वैभव, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जवानों की सेवा करने वाले श्रवण और एक बच्चे की जान बचाते हुए अपने प्राण गंवाने वाली वीर बालिका ब्योमा शामिल हैं।
क्रिकेटर वैभव ने कम उम्र में ही अपने खेल कौशल से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनकी लगन और अनुशासन आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। वहीं श्रवण ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात जवानों की सेवा कर मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की। भोजन, पानी और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्होंने यह साबित किया कि देशसेवा केवल हथियार उठाने से नहीं, बल्कि सेवा भाव से भी होती है।
सबसे भावुक कर देने वाली कहानी ब्योमा की रही, जिन्होंने एक बच्चे को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा दी। उनकी बहादुरी और निस्वार्थ बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा। बाल पुरस्कार समारोह में इन सभी बच्चों के साहस, प्रतिभा और सामाजिक योगदान की सराहना की गई।
यह सम्मान न केवल इन बच्चों की उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन हौसले और जज़्बे असीम होते हैं। ऐसे बच्चे देश का भविष्य हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत भी।