सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: अयोध्या का दीपोत्सव बना रोजगार का बड़ा अवसर, स्थानीय कारोबार को मिल रही नई पहचान
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उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में दीपोत्सव अब केवल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस आयोजन से कुम्हारों, किसानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। त्योहार के माध्यम से पारंपरिक व्यवसायों को नई पहचान और बाजार उपलब्ध हो रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में मिट्टी के दीपकों की मांग बढ़ती है। इससे स्थानीय कुम्हार परिवारों को अपने उत्पाद बेचने के अधिक अवसर मिलते हैं। दीपक निर्माण से जुड़े कारीगरों की आय में वृद्धि के साथ उनकी पारंपरिक कला को भी प्रोत्साहन मिलता है। वहीं, आयोजन में उपयोग होने वाली विभिन्न सामग्रियों की आपूर्ति से किसानों और स्थानीय उत्पादकों को भी लाभ पहुंचता है।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने से होटल, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और खुदरा कारोबार को गति मिलती है। छोटे दुकानदारों से लेकर स्थानीय सेवा प्रदाताओं तक के लिए कमाई के नए अवसर पैदा होते हैं। इससे शहर में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ता है और पर्यटन आधारित रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलता है।
योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और आर्थिक विकास के समन्वय का उदाहरण बताया। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
अयोध्या का दीपोत्सव इस प्रकार धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ स्थानीय रोजगार, पर्यटन और व्यापार को आगे बढ़ाने वाला आयोजन बनता जा रहा है।
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