सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  AUS vs ENG टेस्ट सीरीज में क्रिकेट फैंस को रोमांच जरूर मिला, लेकिन मेलबर्न की पिच को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दो ही दिनों में 32 विकेट गिरने और महज 13 दिनों के भीतर चार टेस्ट मैच खत्म हो जाने से पूर्व क्रिकेटरों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिग्गज खिलाड़ियों का कहना है कि इस तरह की पिच टेस्ट क्रिकेट की आत्मा के खिलाफ है।

मेलबर्न टेस्ट में तेज गेंदबाजों का ऐसा दबदबा देखने को मिला कि बल्लेबाजों को टिकने का मौका ही नहीं मिला। गेंद कभी सीम कर रही थी तो कभी असमान उछाल ले रही थी, जिससे बल्लेबाजी बेहद मुश्किल हो गई। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में गेंद और बल्ले के बीच संतुलन होना चाहिए, लेकिन इस पिच पर वह पूरी तरह गायब नजर आया।

आलोचकों का कहना है कि अगर टेस्ट मैच दो-तीन दिन में खत्म होने लगें, तो पांच दिवसीय क्रिकेट का महत्व ही खत्म हो जाएगा। कई पूर्व खिलाड़ियों ने यहां तक कहा कि पिच की गुणवत्ता की समीक्षा होनी चाहिए और क्यूरेटर की भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आधुनिक बल्लेबाजी तकनीक और आक्रामक खेल भी जल्दी विकेट गिरने की एक वजह है। बावजूद इसके, ज्यादातर पूर्व खिलाड़ियों ने मेलबर्न की पिच को टेस्ट स्तर के लायक नहीं बताया। अब सबकी नजरें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और आईसीसी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में कोई कदम उठाया जाएगा या नहीं।

#AUSvsENG #मेलबर्नटेस्ट #टेस्टक्रिकेट #पिचविवाद #क्रिकेटसमाचार #पूर्वखिलाड़ी