सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राजभाषा विभाग के स्वर्ण जयंती समारोह में देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय भाषाएं भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने का सबसे प्रभावी और सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि देश को जोड़ने, संस्कृतियों को एकसूत्र में पिरोने और नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम कोई और नहीं, बल्कि हमारी स्थानीय भाषाएं और बोलियां कर सकती हैं। अमित शाह ने जोर देकर कहा, “भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और पहचान का प्रतीक भी है।”
हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के विकास पर ज़ोर
अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार भारतीय भाषाओं को आधुनिक तकनीक, प्रशासन और शिक्षा में अधिक से अधिक शामिल करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह विश्वास जताया कि अगर हम अपनी भाषाओं को बढ़ावा देंगे तो भारत की आत्मा को सशक्त करने का कार्य स्वतः ही हो जाएगा।
युवाओं से किया अपील
गृह मंत्री ने देश के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं को भी सीखें और अपनाएं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी भारतीय भाषाओं को प्रमुख स्थान दिया गया है।
राजभाषा विभाग की सराहना
अमित शाह ने राजभाषा विभाग की 50 वर्षों की यात्रा की सराहना की और इस मौके पर विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और इससे जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी।
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