अल-अक्सा मस्जिद में ईद के मौके पर 60 साल में पहली बार बंदी देखने को मिली, जिसने वैश्विक स्तर पर चिंता और बहस को जन्म दिया है। यह फैसला सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव के चलते लिया गया बताया जा रहा है।
ईरान में भी ईद के दौरान बाजार सूने नजर आए। वहां के हालात और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण लोगों की आवाजाही कम रही और त्योहार की रौनक फीकी पड़ गई।
वहीं, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और कुवैत में खुले मैदानों में ईद की नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के कारण इस बार ईद के आयोजन पर कई तरह की पाबंदियां देखी जा रही हैं। इसका असर धार्मिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों दोनों पर पड़ा है।
इस स्थिति ने दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय को प्रभावित किया है, जहां लोग पारंपरिक तरीके से ईद मनाने में असमर्थ रहे।
कुल मिलाकर, इस साल ईद पर मध्य पूर्व के कई हिस्सों में असामान्य परिस्थितियां देखने को मिलीं, जो क्षेत्रीय हालात की गंभीरता को दर्शाती हैं।