सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से मतदान का विरोध फिर दोहराया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में उनकी पार्टी सभी सीटें जीत जाए, तब भी ईवीएम आधारित मतदान का विरोध जारी रहेगा। यादव ने फिर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई।
28 सितंबर को लखनऊ में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत में यादव ने चुनावी प्रक्रिया में तकनीक की कई परतों की जरूरत पर सवाल किया और बैलेट पेपर के पक्ष में दलील दी। अपने तर्क के समर्थन में उन्होंने अमेरिका और जर्मनी की चुनावी प्रणालियों का हवाला दिया।
यादव ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और उत्तर प्रदेश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी पुरानी चिंताओं का भी जिक्र किया। वह इससे पहले 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनावों में अनियमितताओं के आरोप लगा चुके हैं। ये आरोप राजनीतिक दावे हैं और यहां उद्धृत रिपोर्टों के आधार पर स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हुए हैं।
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची पुनरीक्षण और ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच आई है। समाजवादी पार्टी चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठा रही है।
यादव के ताजा बयान से ईवीएम और बैलेट पेपर से मतदान का मुद्दा समाजवादी पार्टी के चुनावी विमर्श के केंद्र में बना हुआ है, जबकि राजनीतिक दल आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों की तैयारी में जुट रहे हैं।
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