सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : UPI पर प्रस्तावित MDR चार्ज को लेकर सामने आए एक नए सर्वे ने डिजिटल पेमेंट के भविष्य पर सवाल खड़े किए हैं। LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, अगर ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर लगने वाला शुल्क कारोबारियों की ओर से ग्राहकों पर डाला जाता है, तो 76% यूजर्स बड़े भुगतान के लिए UPI से दूसरे माध्यमों पर जा सकते हैं। सर्वे में 291 जिलों के 67 हजार से अधिक UPI यूजर्स की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। सर्वे के अनुसार, 26% लोग ₹2,000 से अधिक के भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड और 26% कैश का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे। वहीं 13% डेबिट कार्ड और 11% बैंक ट्रांसफर, NEFT या IMPS का विकल्प चुन सकते हैं। केवल 20% लोगों ने कहा कि वे अतिरिक्त शुल्क की स्थिति में भी बड़े भुगतान के लिए UPI को प्राथमिकता देंगे।

MDR व्यवस्था के तहत ₹2,000 से अधिक के पात्र UPI मर्चेंट भुगतान पर 0.4% शुल्क लागू होने वाला है। यह शुल्क मूल रूप से व्यापारी से लिया जाना है, ग्राहक से सीधे नहीं। हालांकि, सर्वे में 83% कारोबारियों ने 0.4% MDR खुद वहन करने की इच्छा नहीं जताई है। इससे ग्राहकों पर शुल्क डालने या दूसरे भुगतान माध्यमों की ओर भेजने की आशंका बढ़ी है। LocalCircles का अनुमान है कि MDR लागू होने के बाद UPI ट्रांजैक्शन वैल्यू करीब 10% और वॉल्यूम 4% तक घट सकता है।


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