सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर संकट, 8.5 लाख किताबों का क्या होगा?
नई दिल्ली देश की 135 साल पुरानी केंद्रीय सचिवालय लाइब्रेरी के सामने इन दिनों स्थानांतरण का संकट खड़ा हो गया है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत शास्त्री भवन को खाली कराए जाने के बाद लाइब्रेरी को भी नई जगह जाना होगा। हालांकि, इसके विशाल संग्रह के लिए पर्याप्त स्थान को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
1891 में स्थापित यह लाइब्रेरी पहले इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के नाम से जानी जाती थी। इसमें 8.5 लाख से अधिक पुस्तकें, दुर्लभ किताबें, सरकारी अभिलेख और राजपत्र संग्रहित हैं। इसका सबसे पुराना दुर्लभ संग्रह 1702 तक का बताया जाता है। लाइब्रेरी करीब 5,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में चार मंजिलों पर संचालित होती रही है।
लाइब्रेरी में सरकारी अधिकारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भी अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानांतरण की प्रक्रिया का असर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, कर्तव्य भवन-2 में करीब 300 वर्ग मीटर के दो कमरों की जगह प्रस्तावित की गई थी, लेकिन संस्कृति मंत्रालय ने इसे पूरे संग्रह और आवश्यक सुविधाओं के लिए अपर्याप्त माना। मंत्रालय ने पहले लगभग 5,466 वर्ग मीटर के बराबर स्थान की जरूरत बताई थी। वहीं आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय का कहना है कि लाइब्रेरी के लिए नई जगह की व्यवस्था की जा रही है और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में पुस्तकों और ऐतिहासिक अभिलेखों को सुरक्षित तरीके से कहां और कैसे स्थानांतरित किया जाएगा। नई व्यवस्था होने तक लाइब्रेरी की सेवाओं और विद्यार्थियों की अध्ययन सुविधा पर भी नजर रहेगी।
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