आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बतौर एक्टर और डेब्यू प्रोड्यूसर विद्युत जामवाल की फिल्म ‘आईबी 71’ रिलीज हो गई है। आईबी-71 में विद्युत एक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ऑफिसर के भूमिका में नजर आएंगे। इसका डायरेक्शन उन्होंने ‘गाजी ’ फेम डायरेक्टर संकल्प रेड्डी से करवाया है। इसमें आतंकी का रोल ‘मर्दानी2’ फेम एक्टर विशाल जेठवा निभा रहे हैं। पेश है फिल्म से जुड़ी खास बातों की कहानी, ठीक उनकी जुबानी

आईबी-71 बाकी स्पाई थ्रिलर फिल्मों से अलग कैसे है?

संकल्प:- इसकी स्टोरी तो खैर विद्युत और राइटर आदित्य शास्त्री से आई थी। विद्युत ने मेरी ‘गाजी अटैक’ देखी थी। गाजी अटैक का इवेंट तो इस फिल्म के बाद हुआ था इंडिया और पाकिस्तान के बीच। तो मुझे भी नहीं पता था कि आईबी 71 वाला इंसिडेंट कभी हुआ था। यकीनन दुनिया भर में स्पाई फिल्में बनती रही हैं। यह उन सबसे अलग है। अगर इसे उनके अलावा जेसन बॉर्न या आर्गो से सिमिलैरिटी निकालने भी चलेंगे तो वह नहीं मिलेगा।

विद्युत :- देखिए हर जंग तो कमोबेश समान हथियारों से लड़े जाते रहे हैं, पर उन्हें चलाने वाले लोग किस तरह उन हालातों को डील करते हैं, वह हर जंग को बेहद अलग बना देता है। तो हमारी फिल्म किसी बिल्कुल आईबी71 जैसी है। किसी और जैसी नहीं है।

विशाल की क्या तैयारियां रहीं?

विशाल:- पहले तो इसे मर्दानी 2 वाले किरदार से अलग रखना था। मैं अपने किरदार की लैंग्वेज पर वर्क करता हूं। मैं खुद गुजराती हूं, मगर मैंने यहां कश्मीर के लोकल डायलेक्ट पर काम किया। वहां के एक लोकल कश्मीरी मेरे दोस्त और डायलेक्ट कोच भी बने। बाकी मेरे पास तो अब्बास सर का कॉल आया था। वो भी इस फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने बताया था कि एक फिल्म है, जिसमें आपका बेहद अहम रोल है।

सब्जेक्ट पर हम पहले ही एक से डेढ़ साल की रिसर्च कर चुके हैं। मैंने तुरंत जूम पर नैरेशन दी। बतौर इंडियन इस फिल्म का पार्ट बनकर मुझे बेहद गर्व हुआ। ट्रेड के मुताबिक अक्षय कुमार बतौर प्रोड्युसर ब्रैंड नेम देते हैं, वो पैसे नहीं लगाते? आप किस तरह फिल्में प्रोड्यूस कर रहे?

विद्युत:- जहां आप काम करते हैं, वहां तो आप सैलरी लेते हैं। तो सैलरी को जस्टिफाई करना पड़ता है, क्योंकि कंपनी के पैसे तो किसी और के हैं। वैसे ही प्रोड्क्शन में पैसे किसी और के लगें हों, तो भी आप को वह जस्टिफाई करना तो है। तो जिम्मेदारी तो सेम ही है। मैं उस तरह देखता ही नहीं हूं। मेरी जेब और दोस्त का पैसा एक ही तो है।