सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बंधक बनकर 477 दिन तक कैद रहने वाले नामा लेवी को आज रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद नामा लेवी ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि यह समय उनके लिए बेहद कठिन और दर्दनाक था। उन्होंने कहा, “एक दिन महीनों जैसा लगता था और महीना एक साल से भी ज्यादा का। कई बार मुझे खाना-पानी तक नहीं मिला।”
नामा लेवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बंधक बने रहने के दौरान उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस दौरान अकेलेपन और असुरक्षा की भावना हमेशा उनके साथ रही। लेवी ने सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी रिहाई के लिए प्रयास किए और उनके परिवार का भी आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बंधक बनाए रखना मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। नामा लेवी के अनुभव से यह स्पष्ट होता है कि बंधक बनाना केवल शारीरिक यातना ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक पीड़ा का भी कारण बनता है।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए चेतावनी का काम किया है कि बंधक बनाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
नामा लेवी की रिहाई पर उनके समर्थक और परिवारजनों ने राहत व्यक्त की और कहा कि अब उन्हें सुरक्षित माहौल में अपने जीवन को पुनः स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
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