सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / बेंगलुरु / कर्नाटक : कर्नाटक में अगले कुछ महीनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव से पहले सिद्धारमैया सरकार ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। सरकार ने वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत समुदायों की नाराजगी दूर करने के लिए विशेष सर्वे की शुरुआत की है। माना जा रहा है कि इस सर्वे के जरिए इन प्रभावशाली समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और उनकी समस्याओं को समझकर उन्हें साधने की रणनीति बनाई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। कई बार ये समुदाय सरकारों के लिए सत्ता का रास्ता तय करते हैं। पिछले कुछ समय से इन समुदायों में असंतोष की खबरें सामने आई थीं, जिसे दूर करने के लिए यह सर्वे बेहद अहम कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकार नई योजनाएं और लाभकारी नीतियां ला सकती है, जिससे इन समुदायों का विश्वास जीतकर चुनावी लाभ लिया जा सके। विपक्ष ने इसे महज वोट बैंक की राजनीति करार दिया है, जबकि सरकार का दावा है कि यह कदम पूरी तरह विकास और सामाजिक न्याय पर आधारित है।
इस कदम के साथ सिद्धारमैया सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव से पहले माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश तेज कर दी है।
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