सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल   /   नई दिल्ली  :   बढ़ती जीवनशैली संबंधी बीमारियों और महंगे इलाज ने हेल्थ प्लान को और भी अहम बना दिया है। आज के समय में यदि अचानक किसी व्यक्ति को मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़े, तो उसकी सालों की सेविंग खत्म हो सकती है। यही कारण है कि हेल्थ इंश्योरेंस अब केवल विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थ प्लान चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले यह देखें कि अस्पताल के कमरे का किराया प्लान में शामिल हो, अन्यथा बिल का बड़ा हिस्सा खुद चुकाना पड़ सकता है। कई बीमारियां और उपचार ऐसे होते हैं जिनमें 50% तक का खर्च आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है, इसलिए इन्हें पहले से जांच लें।

कई बीमा कंपनियां पॉलिसी के तहत 100% से लेकर 1000% तक बोनस ऑफर करती हैं, जबकि कुछ कंपनियां अनलिमिटेड बोनस भी देती हैं। कैशलेस सुविधा भी हेल्थ प्लान का अहम हिस्सा है, जो क्लेम प्रक्रिया को आसान बनाती है। इसके अलावा, यह भी देखें कि छोटे खर्चे जैसे सैनिटाइजर और ग्लव्स का खर्चा शामिल है या नहीं, क्योंकि यह बिल का 5 से 10% तक हो सकता है।

प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन कवरेज भी महत्वपूर्ण है। सामान्यत: यह 30 से 60 दिन तक होता है, लेकिन कुछ पॉलिसी में इसे 90 से 120 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में सही हेल्थ प्लान चुनना न केवल आर्थिक सुरक्षा बल्कि आपके और आपके परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी अनिवार्य है।

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