सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू) एवं आईसेक्ट के संयुक्त तत्वावधान में वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे के अवसर पर फ्लैगशिप कार्यक्रम “कौशल चर्चा” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्योग, शिक्षा और एआई के क्षेत्र से प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने शिरकत की जिसमें मुख्य अतिथि पीएसएससीआईवी के करिकुलम डेवलपमेंट एंड इवेलुएशन सेंटर के हैड निदेशक वीएस मेहरोत्रा, मुख्य वक्ता आईपी एंड एनेलिटिक्स कंसल्टिंग के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एंड ग्लोबल हैड ऑफ इनोवेशन अनीस मर्चेंट एवं मैपसेट के जनरल मैनेजर एसके पाराशर और डाटाट्रेक के सीईओ आशीष कोलारकर उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर एसजीएसयू के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं कुलगुरू विजय सिंह उपस्थित रहे। अन्य प्रमुखों में एसजीएसयू के कुलसचिव सितेश कुमार सिन्हा एवं आईसेक्ट के जनरल मैनेजर अभिषेक गुप्ता भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अनीस मर्चेंट ने युवाओं से एआई के चलते होने बदलावों और अवसरों पर बात की। उन्होंने कहा कि आज एआई नई नौकरियों और अवसरों के दरवाजे खोल रहा है, लेकिन साथ ही यह पारंपरिक मैनपावर आधारित नौकरियों के लिए एक चुनौती भी बनता जा रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एआई जरूरी है, लेकिन किसी भी काम को सही मायनों में समझने, महसूस करने और निभाने के लिए इंसान की भूमिका सबसे अहम है। निदेशक मर्चेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई सीखने के लिए अब केवल इंजीनियरिंग या टेक्निकल डिग्री की ज़रूरत नहीं है।
आज कॉमर्स और अन्य गैर-तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े युवा भी छोटे कोर्स, इंटर्नशिप और डिप्लोमा के माध्यम से एआई में दक्षता प्राप्त कर सकते हैं और बेहतर करियर बना सकते हैं। युवाओं को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने कहा कि एआई, डेटा साइंस या तकनीक को केवल नौकरी पाने का जरिया न बनाएं, बल्कि इसे अपने ज्ञान और स्किल्स को विकसित करने का माध्यम बनाएं। उन्होंने कहा, “आज की दुनिया में स्मार्ट वर्क, सतत् सीखना, रिसर्च और नेटवर्किंग ही सफलता की कुंजी है। युवाओं को चाहिए कि वे एआई के साथ कदम मिलाकर चलें और अपने ज्ञान व कौशल को लगातार विकसित करते रहें।”

इसके बाद मुख्य अतिथि विनय स्वरूप मेहरोत्रा ने डिजिटल स्किल्स के अलावा लाइफ स्किल्स को भी सीखने पर जोर दिया। टेक्नोलॉजी पर निर्भरता को कम करने की भी बात कही। वहीं एस के पाराशर, जनरल मैनेजर, मैपसेट, ने करियर को आगे बढ़ाने के लिए स्किल्स को विकसित करने की बात कही।
एसजीएसयू के चांसलर सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि एआई आज सभी क्षेत्रों जैसे मार्केटिंग, क्रिएटिव, भाषा इत्यादि में आ चुका है। ऐसे में फैकल्टीज को अधिक मेहनत करने की जरूरत है जिससे वे बच्चों को भी बेहतर सीखा सकें और स्वयं को भी अपडेट कर सकें। इस अवसर पर कुलगुरू विजय सिंह ने युवाओँ को वर्ल्ड यूथ स्किल डे के महत्व पर बात की। उन्होंने बताया कि कौशल विकास जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। आज तकनीक के दौर में अगर स्वयं को अपडेट नहीं करेंगे तो पिछड़ जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया गया। स्कूल स्तर पर आयोजित एआई डिजिटल पोस्टर मेकिंग और एआई आर्ट इमेज जेनरेशन प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों में से 50 विद्यार्थियों का चयन किया गया। इसके साथ ही स्किल प्रतियोगिता के अंतर्गत वेब डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, 3डी गेमिंग आर्ट और ग्राफिक डिजाइन जैसे क्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कॉलेज छात्रों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षकों, स्किल ट्रेनर्स और मोबिलाइजर्स को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में, चयनित छात्रों को उनके प्लेसमेंट के लिए ऑफर लेटर वितरित किए गए।
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