सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / महाराष्ट्र / सोलापुर / : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि महिलाओं को पिछड़ी परंपराओं और सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त करना जरूरी है। महाराष्ट्र के सोलापुर में ‘उद्योगवर्धिनी’ संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं किसी भी राष्ट्र की नींव को मजबूत करती हैं।
भागवत ने कहा, “महिला और पुरुष दोनों जीवनभर काम करते हैं, लेकिन महिलाएं भविष्य की पीढ़ियों को आकार देने का कार्य भी करती हैं। बच्चों के चरित्र निर्माण और मार्गदर्शन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।” उन्होंने पुरुषों की उस सोच को भी गलत बताया, जिसमें वे खुद को महिलाओं का उत्थानकर्ता समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईश्वर ने महिलाओं को पुरुषों के समान ही क्षमताएं दी हैं, साथ ही ऐसे अतिरिक्त गुण भी दिए हैं जो उन्हें विशिष्ट बनाते हैं।
भागवत ने संघ की आगामी गतिविधियों की भी जानकारी दी। 2 अक्टूबर को आरएसएस अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर पर रामधुन और पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। जिन शाखाओं में 100 से अधिक स्वयंसेवक होंगे, वहां विशेष पथ संचलन निकाला जाएगा।
इसके अतिरिक्त, संघ ‘गृह संपर्क अभियान’ की शुरुआत करेगा, जिसके तहत स्वयंसेवक 25-30 घरों में जाकर संघ के कार्यों और विचारों से लोगों को अवगत कराएंगे। शताब्दी वर्ष में गांवों, कस्बों और शहरों में छोटे स्तर पर गोष्ठियों और सम्मेलनों का आयोजन होगा।
संघ इस अभियान के माध्यम से समाज से सीधा जुड़ाव स्थापित कर, राष्ट्र निर्माण की दिशा में जागरूकता और भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है।
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