सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत की सबसे बड़ी लगेज निर्माता कंपनी वीआईपी इंडस्ट्रीज में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के चेयरमैन दिलीप पिरामल ने अपनी 32% हिस्सेदारी 1,763 करोड़ रुपए में बेचने का फैसला किया है। यह हिस्सा मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी, आकाश भंसाली और कैरटलेन के फाउंडर मिथुन सचेटी को बेचा जाएगा।

पिरामल का कहना है कि उनकी बेटियां—राधिका, अपर्णा और प्रियदर्शनी—बिजनेस में रुचि नहीं रखतीं। इस कारण उन्होंने कंपनी की कमान नए निवेशकों को सौंपने का निर्णय लिया।
वीआईपी इंडस्ट्रीज की स्थापना 1968 में हुई थी और यह एरिस्टोक्रेट, स्काईबैग्स, कैप्रेस जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की मालिक है। एक समय 50% से अधिक मार्केट शेयर रखने वाली कंपनी अब केवल 38% पर सिमट गई है। हाल के वर्षों में सफारी इंडस्ट्रीज और सैमसोनाइट जैसे प्रतिद्वंद्वियों के चलते वीआईपी की पकड़ कमजोर पड़ी है।
डील के बाद पिरामल परिवार की हिस्सेदारी 51.73% से घटकर 19.73% रह जाएगी। हालांकि, दिलीप पिरामल कंपनी के बोर्ड से हटेंगे, पर परिवार का एक सदस्य बोर्ड में बना रहेगा।
नई हिस्सेदारी की बिक्री के साथ सेबी नियमों के तहत 1,438 करोड़ रुपए का ओपन ऑफर भी लॉन्च किया गया है।
दिलीप पिरामल ने कहा कि कंपनी की मूलभूत नींव मजबूत है और नया मैनेजमेंट इसे वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। वीआईपी के उत्पाद वर्तमान में 45 देशों में बिकते हैं और कंपनी के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की अपार संभावनाएं हैं।
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