सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल में केन्द्र की 31वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में आयोजित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के महाकुम्भ विज्ञान पर्व का तीसरा एवं अंतिम दिन, उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि *डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन रहे। कार्यक्रम में शैलेन्द्र कुमार, समूह निदेशक, इसरो–मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, भोपाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उमेश कुमार रुस्तगी, निदेशक, नेहरू विज्ञान केन्द्र, मुंबई (पश्चिमी क्षेत्र मुख्यालय, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
अपने संबोधन में अतिथियों ने आंचलिक विज्ञान केन्द्र, भोपाल की 31 वर्षों की सतत, समर्पित एवं प्रेरणादायक यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि केन्द्र विगत तीन दशकों से बच्चों एवं युवाओं में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और तर्कशील दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अतिथियों ने विद्यार्थियों से निरंतर प्रश्न पूछते रहने, नवाचार के प्रति उत्सुक बने रहने तथा अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।
समापन समारोह के दौरान विज्ञान पर्व में सहभागिता करने वाले विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को उनके योगदान के लिए मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन दिवस के अंतर्गत एक लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरआरकैट, इंदौर में सामग्री विज्ञान एवं जैव फोटोनिक्स से संबंधित अनुसंधान गतिविधियाँ विषय पर प्रो. सुनील वर्मा, प्रमुख—फोटोनिक्स सामग्री प्रौद्योगिकी प्रभाग एवं सहायक डीन (शैक्षणिक), राजा रमन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र, इंदौर ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने सामग्री विज्ञान एवं जैव फोटोनिक्स के क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक अनुसंधानों, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा स्वास्थ्य, उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में उपलब्ध शैक्षणिक एवं करियर अवसरों से भी अवगत कराया।
विज्ञान पर्व के अंतिम दिन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित प्रदर्शनियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुकों ने आंचलिक विज्ञान केन्द्र का भ्रमण किया। विद्यार्थियों एवं आमजन ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों, तकनीकी नवाचारों एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन कर विज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव के रूप में समझा।
इस प्रकार विज्ञान एवं तकनीकी का महाकुम्भ विज्ञान पर्व 2025–26 का समापन सकारात्मक संदेशों, प्रेरक विचारों और व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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