सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल      /    नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति पद के चुनाव 9 सितंबर को होने वाले हैं। इस बार एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन पिछले चुनावों की तुलना में इस बार जीत की चमक थोड़ी फीकी पड़ सकती है। पिछली बार जगदीप धनखड़ को कुल 75% वोट मिले थे।

इस चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार को 391 वोट की आवश्यकता है। आंकड़ों के अनुसार, एनडीए को कुल 458 वोट मिलने की उम्मीद है, जिससे राधाकृष्णन की जीत लगभग तय है। हालांकि, क्रॉस वोटिंग की संभावना के कारण राधाकृष्णन को अपेक्षित संख्या से कम वोट मिल सकते हैं।

वाईएसआर  कांग्रेस ने राधाकृष्णन का समर्थन करने का ऐलान किया है। वहीं, बीआरएस और बीजेडी ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद हिस्सा लेंगे और वोटिंग सीक्रेट बैलेट के माध्यम से होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि सांसद आमतौर पर पार्टी के निर्देश के अनुसार ही वोट करते हैं, लेकिन क्रॉस वोटिंग की वजह से रिजल्ट में हल्की चूक संभव है। चुनावी रणनीति और समर्थन के आंकड़ों को देखते हुए, एनडीए का पलड़ा भारी है और राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

इस चुनाव से संसद में उपराष्ट्रपति पद पर एनडीए की पकड़ मजबूत होने की संभावना है, जो आगामी सत्रों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

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