सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :   भारत विभाजन की विभीषिका भारतीय आजादी का एक ऐसा बदरंग पन्ना है जिसको हम देशवासी कभी नहीं भूल पाएंगे । यह लम्हों की नहीं सदियों की खता थी जिसकी पीड़ा और टीस दिलों में आज तक है जो बरबस याद आती रहती है। इस आशय के विचार दो दिवसीय आजादी के पर्व, विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने व्यक्त किये ।

कार्यक्रम के आरंभ में भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर संजय द्विवेदी और जनसंपर्क विभाग के पूर्व संचालक लाजपत आहूजा ने उक्त कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपने उदगार व्यक्त किये ।श्री आहूजा ने कहा कि विभाजन की पीड़ा का दर्द क्योंकि मेरे परिवार ने सहा है अतः  इस वेदना को में करीब से जानता हूं।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए  प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा कि हमें अपने इतिहास की पूरी समझ होना जरूरी है, इससे ही हम जान पाएंगे कि हम किन रास्तों से होते हुए वर्तमान स्थिति तक पहुंचे हैं और भविष्य में हमें कहां जाना है? प्रोफेसर द्विवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता की लडाई के दौरान भी हमारे बीच कहीं न कहीं मतभेद मौजूद थे, जिन्हें अंग्रेजों ने इस्तेमाल किया. हमें अपनी कमियों की तरफ देखना पड़ेगा और अपनी जिम्मेदारियां निभानी होगी. उन्होंने कहा कि हम सतर्क होते तो बटवारा नहीं होता. बंटवारे के बावजूद देश को सांप्रदायिक दंगों के रूप में रक्तपात देखना पड़ा. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनसंपर्क के पूर्व संचालक लाजपत आहूजा ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की घोषणा करके इस त्रासदी के पीड़ितों को अपना दर्द दूसरों के साथ बाटने का मौका दिया है. बंटवारे के दौरान हुए घटनाक्रम से आने वाली पीढ़ियां सबक ले सकती हैं. आहूजा ने कहा कि अपने ही देश के लोगों को बंटवारे के बाद शरणार्थी कहा गया. उन्होंने विभाजन के दौरान हुए अत्याचारों, खासतौर से महिलाओं और युवतियों के साथ  हुई हुई दुष्कर्म की घटनाओं का उल्लेख किया और कहां किसी त्रासदी के पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया.  संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय सूचना ब्यूरो के अपर महानिदेशक प्रशांत पाठराबे  ने स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा मध्य प्रदेश के कई जिलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं| कार्यक्रम को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर अजय अग्रवाल, पत्र सूचना कार्यालय के निदेशक मनीष गौतम और केंद्रीय सूचना संचार ब्यूरो के उपनिदेशक शारिक नूर ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन  सहायक निदेशक पराग मांदले ने किया. इस मौके पर सहायक निदेशक करिश्मा पंत, सहायक निदेशक अजय उपाध्याय, सहायक निदेशक समीर वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद थे |

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