सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सुप्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् और विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली’ की 113वीं जयंती के अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल में वनमाली सृजन केंद्रों के पाँचवें राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ भव्यता के साथ हुआ। देश के विभिन्न राज्यों—मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, केरल, असम, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, दिल्ली व महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों से आए सृजन केंद्रों के प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

सम्मेलन का उद्देश्य स्थानीय कला, साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों की गतिविधियों को ग्रामीण व कस्बाई अंचलों तक पहुँचाना रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष चौबे ने अपने उद्बोधन में वनमाली के पुस्तकालय को अपनी प्रेरणा बताया और 50 नए सृजन केंद्रों की स्थापना की घोषणा की। रायपुर और लखनऊ में भी नई सृजन पीठें स्थापित होंगी।

समारोह के उद्घाटन सत्र में कुलाधिपति सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने वनमाली को अनुशासनप्रिय, सादगी में विश्वास रखने वाला महान शिक्षक बताया। इस अवसर पर ‘विश्व रंग मॉरीशस’ पर बनी फिल्म का प्रदर्शन, सृजन केंद्रों की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट और आईसेक्ट पब्लिकेशन की कई पुस्तकों और पत्रिकाओं का लोकार्पण हुआ। सम्मेलन में ‘स्थानीय रचनात्मकता के प्रश्रय और प्रकाशन में वनमाली सृजन पीठ की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी आयोजित की गई। वहीं कवि लीलाधर मंडलोई के नेतृत्व में आयोजित काव्यगोष्ठी में कई वरिष्ठ व नवोदित कवियों ने काव्य पाठ किया।

सम्मेलन के समापन पर टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्रों ने देश के प्रसिद्ध कवियों की कविताओं की सांगीतिक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक चेतना को ग्रामीण भारत तक पहुँचाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर सामने आया।
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