सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एक बार फिर सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। इस बार टारगेट पर हैं 36 ऐसे देश, जिनके नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर पूर्ण या आंशिक ट्रैवल बैन लग सकता है। इस कदम का मुख्य कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया गया है। हाल ही में 12 देशों पर यह बैन लगाया जा चुका है, और अब यह सूची और लंबी हो सकती है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक डिप्लोमैटिक केबल में बताया गया है कि पासपोर्ट और पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर कई देशों के रिकॉर्ड असंतोषजनक पाए गए हैं। विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा हस्ताक्षरित इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि अगर चिन्हित 36 देशों ने 60 दिनों के भीतर सुधार नहीं किए, तो उन पर यात्रा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

यह कार्रवाई केवल अमेरिका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक यात्रा प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और सत्यता बनाए रखने के लिए भी मानी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ देशों में फर्जी पहचान पत्रों की बढ़ती घटनाएं और संदिग्ध गतिविधियों में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल ट्रंप प्रशासन के लिए चिंता का कारण बना है।

इस कदम से संबंधित देशों के अमेरिका में काम, पढ़ाई या घूमने की योजना बना रहे नागरिकों पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं कि अमेरिका अब यात्रा सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं चाहता।

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