सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव के बीच अमेरिका ने नरम तेवर अपनाया है। हाल ही में भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों में खटास देखी गई थी। इस बीच अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
क्रिस राइट ने यह भी सुझाव दिया कि भारत रूस से तेल न खरीदे और अमेरिका के साथ मिलकर तेल खरीदने का विकल्प अपनाए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी भारत को रूस से तेल खरीदने से रोकने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के हित में सहयोग करना चाहता है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग को और बढ़ाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह नरमी भारत के लिए रणनीतिक अवसर भी पैदा कर सकती है। इसके जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूती मिल सकती है। अमेरिका के इस नरम तेवर के पीछे रणनीतिक कारणों के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाने की कोशिश भी देखी जा रही है।
हालांकि टैरिफ विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन अमेरिका का यह बयान दोनों देशों के बीच सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे आने वाले समय में व्यापार और ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
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