सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील एक बार फिर असमंजस की स्थिति में पहुंच गई है। अमेरिका, भारत से अपने जेनेटिकली मॉडिफाइड फूड प्रोडक्ट्स — जैसे मक्का और सोयाबीन — पर आयात शुल्क कम करने की मांग कर रहा है, ताकि ये उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते बिक सकें। लेकिन भारत सरकार इस मांग को मानने से इनकार कर रही है, क्योंकि इससे देश के किसानों को सीधा नुकसान हो सकता है।
इस डील का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना है। भारत चाहता है कि उसके टेक्सटाइल, दवाइयों और ऑटो पार्ट्स पर अमेरिका आयात शुल्क घटाए, जबकि अमेरिका भारत में अपने कृषि और औद्योगिक उत्पादों को बड़ी पहुंच दिलाना चाहता है।
इस व्यापार समझौते को 9 जुलाई 2025 तक अंतिम रूप देने की समयसीमा तय की गई है। अगर तब तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भारत के निर्यात उत्पादों पर 26% तक शुल्क लगा सकता है, जिससे भारत के टेक्सटाइल और दवा उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए GM फूड और डेयरी पर बाज़ार नहीं खोलेगा। वहीं, भारत उम्मीद कर रहा है कि अमेरिका उसके उत्पादों पर कम से कम 10% बेसलाइन टैरिफ तय करे।
अब देखना होगा कि दोनों देश इस तनावपूर्ण स्थिति से बाहर निकल पाते हैं या नहीं।
#अमेरिकाकीमांग #मक्कासोयाबीनआयात #जीएमफूडविवाद #भारतअमेरिकाट्रेडडील #किसानहित