सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : 1 अगस्त 2025 से यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस से जुड़े नए नियम लागू हो रहे हैं। अब यूजर्स एक दिन में 50 बार से अधिक अपने बैंक बैलेंस की जांच नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, ऑटो-पे ट्रांजैक्शंस (जैसे ईएमआई, रिचार्ज और सब्सक्रिप्शन पेमेंट्स) केवल तय समय स्लॉट्स में ही प्रोसेस होंगे।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, ये बदलाव यूपीआई सिस्टम पर बढ़ते लोड को कम करने के लिए किए गए हैं। हाल ही में मार्च और अप्रैल 2025 में दो बार बड़े आउटेज हुए थे, जिससे करोड़ों यूजर्स को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
अब से अगर कोई ट्रांजैक्शन अटकता है, तो उसका स्टेटस आप केवल तीन बार, हर बार 90 सेकंड के अंतराल पर ही चेक कर सकेंगे। ऑटो-पे ट्रांजैक्शन अब पीक टाइम (सुबह 10 से दोपहर 1 और शाम 5 से रात 9:30) के बाहर किए जाएंगे, ताकि नेटवर्क पर दबाव कम हो।
गूगल पे , फोनपे, पेटीएम जैसे सभी यूपीआई एप्स पर यह नियम लागू होगा। ट्रांजैक्शन अमाउंट की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है – सामान्य लेनदेन के लिए 1 लाख रुपये और हेल्थ व एजुकेशन से जुड़े मामलों में 5 लाख रुपये की सीमा बरकरार है।
इन बदलावों से सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगा। आम यूजर्स को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत नहीं, बस बार-बार बैलेंस चेक करने की आदत पर नियंत्रण रखें।
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