ट्रम्प ने यह बयान हेग (नीदरलैंड) में नाटो समिट के दौरान मीडिया से बात करते हुए दिया। उन्होंने बताया कि 22 जून को हुए अमेरिकी हमले के बाद इजराइली एजेंट्स ने ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर साइट का निरीक्षण किया और दावा किया कि साइट पूरी तरह तबाह हो गई है।
हालांकि अमेरिकी मीडिया हाउस CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स ने इसका खंडन किया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम को केवल कुछ महीनों का नुकसान हुआ है, वह पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ। यह जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी DIA की एक गोपनीय रिपोर्ट पर आधारित है।
ट्रम्प ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को “फर्जी” बताते हुए Truth Social पर लिखा—“CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को बदनाम करने की साजिश रची है। यह हमला इतिहास के सबसे सफल सैन्य ऑपरेशनों में से एक था।”
ईरान में विक्ट्री सेलिब्रेशन
सीजफायर के ऐलान के बाद तेहरान के इंकलाब स्क्वायर में जोरदार विक्ट्री सेलिब्रेशन हुआ। हजारों लोग सड़कों पर उतरे, ईरानी और फिलिस्तीनी झंडे लहराए गए, और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के समर्थन में नारे लगे।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी स्पष्ट किया कि उनका देश न्यूक्लियर प्रोग्राम नहीं रोकेगा—“हमने इस तकनीक को बलिदान से हासिल किया है और इसे जारी रखेंगे।”
निष्कर्ष
जंग थमने के बाद अब दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम और अमेरिका के संभावित रुख पर टिकी हैं। ट्रम्प के बयान से साफ है कि तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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