सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल कोलंबिया ने अमेरिका से निकाले गए अवैध अप्रवासियों को देश में लाने का फैसला किया है। कोलंबियाई राष्ट्रपति ने रविवार रात को कहा कि वे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए सेंट्रल अमेरिकी देश होंडुरास में प्लेन भेजेंगे। इससे पहले कोलंबिया ने अवैध अप्रवासियों को लेकर आ रहे दो अमेरिकी सैन्य विमानों के देश में लैंड नहीं होने दिया था।
कोलंबिया के इस रवैये से अमेरिका नाराज हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को कोलंबिया के खिलाफ 25% टैरिफ और प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने अगले हफ्ते से 50% टैरिफ लगाने की धमकी भी दी।
ट्रम्प की कार्रवाई के जवाब में कोलंबिया ने भी अमेरिकी सामनों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। इससे दोनों देशों के बीच टैरिफ वॉर जैसी स्थिति बन गई। हालांकि बाद में कोलंबिया अपने फैसले से पीछे हट गया।
राष्ट्रपति पेट्रो ने कहा कि अमेरिका, कोलंबिया के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव नहीं कर सकता। वे प्रवासियों को सम्मान के साथ वापस ले जाने के लिए अपना राष्ट्रपति विमान अमेरिका भेजने के लिए तैयार हैं।

ट्रम्प ने कोलंबिया पर 4 तरह के प्रतिबंध लगाए CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कोलंबिया ने पहले अपने लोगों को वापस लेने पर हामी भर दी थी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि प्लेन के लैंड होने से ठीक पहले कोलंबिया ने अपने लोगों को लेने से मना कर दिया।
इसके बाद ट्रम्प ने कोलंबिया के सभी सामानों पर भारी टैरिफ लगाने, कोलंबियाई नागरिकों की अमेरिका यात्रा पर बैन लगाने, अमेरिका में मौजूद कोलंबियाई अधिकारियों का वीजा रद्द करने और कोलंबिया के अप्रवासी और गैर अप्रवासी निवासियों की वीजा प्रक्रिया को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दिया।

फैसला बदलने पर मजबूर क्यों हुआ कोलंबिया कोलंबिया, अमेरिका एक अहम गैर-नाटो सहयोगी देश है। यह देश कई दशकों से दक्षिण अमेरिका में US का करीबी साझेदार रहा है। कोलंबिया, अमेरिका को तेल, कॉफी और फूल का निर्यात करता है। कोलंबिया में 5 लाख से ज्यादा परिवार कॉफी की खेती पर निर्भर हैं। पिछले एक साल में कॉफी की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। अमेरिकी प्रतिबंध के बाद ये कॉफी और महंगा हो सकता था।
अमेरिका अपनी कुल कॉफी का 20% कॉफी अमेरिका को बेचता है। अमेरिका ने साल 2022 में कोलंबिया को 1.8 बिलियन डॉलर (15.5 हजार करोड़ रुपए) की कॉफी बेची। अमेरिकी कृषि विभाग के मुताबिक यह ब्राजील के आयात का तेल के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलंबिया के आर्थिक और विदेश नीति के जानकारों ने भी सरकार को अमेरिका के साथ उलझने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद का कोलंबिया को ज्यादा नुकसान है। इससे देश की इकोनॉमी को काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है।

व्हाइट हाउस बोला- अमेरिका का सम्मान बढ़ा कोलंबिया के अप्रवासियों को वापस अपने देश बुलाने के फैसले पर व्हाइट हाउस ने कहा- आज की घटना ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि अमेरिका का फिर से सम्मान किया जाने लगा है। राष्ट्रपति ट्रम्प अमेरिका की संप्रुभता की रक्षा करना जारी रखेंगे। उन्हें उम्मीद है कि दुनिया के दूसरे देश भी अमेरिका में मौजूद अपने लोगों की वापसी को स्वीकार करेंगे।
2020 से 475 फ्लाइट्स कोलंबिया पहुंची अमेरिका से अवैध प्रवासियों को लेकर 2020 से 2024 तक 475 फ्लाइट्स पहुंची। अवैध प्रवासियों को लेकर लौटने वाली फ्लाइट को लेने में कोलंबिया पांचवें स्थान पर है। कोलंबिया से आगे ग्वाटेमाला, होंडुरास, मेक्सिको और अल साल्वाडोर थे।
2024 से अब तक 124 फ्लाइट्स अवैध प्रवासियों को लेकर कोलंबिया पहुंची हैं। पिछले कुछ सालों में कोलंबियाई नागरिक बड़ी संख्या में अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर पहुंचे हैं। पिछले एक साल में कोलंबिया के 1.27 लाख नागरिकों को अमेरिका ने अवैध तरीके से घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया।

ट्रम्प के फैसलों से व्यापार घाटे पर असर
डोनाल्ड ट्रम्प कोलंबिया के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा कम करना चाहते हैं। हालांकि कोलंबिया पर प्रतिबंध लगाने से उनके इस प्लान को नुकसान पहुंच सकता है। अभी कोलंबिया के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 1.4 बिलियन डॉलर का है।
कोलंबिया रोजाना अमेरिका को 2 लाख बैरल कच्चा तेल भेजता है। अमेरिका कोलंबिया से कोयला, कॉफी और सोना भी निर्यात करता है। इसके अलावा कोलंबिया अमेरिका को ताजे फूलों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। वेलेंटाइन डे के कुछ ही हफ्ते पहले लिए गए इस अमेरिकी फैसले का असर फूलों की कीमतों पर पड़ सकता है।
#ट्रम्प #टैरिफ_धमकी #कोलंबिया #अंतरराष्ट्रीय_राजनीति #व्यापार_नीति