सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की प्रस्तावित ‘गोल्ड कार्ड’ आव्रजन नीति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस योजना के खिलाफ अमेरिका के 20 राज्यों ने संयुक्त रूप से मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि गोल्ड कार्ड नीति से देश में डॉक्टरों, शिक्षकों और अन्य आवश्यक पेशेवरों की कमी और बढ़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं प्रभावित होंगी।

राज्यों का कहना है कि अमेरिका पहले ही स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों में स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में गोल्ड कार्ड जैसी नीति, जिसमें वीजा के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये (करीब 1 मिलियन डॉलर) की भारी-भरकम फीस तय की गई है, केवल अमीर वर्ग के लिए दरवाजे खोलेगी। इससे योग्य लेकिन मध्यम आय वर्ग के पेशेवर अमेरिका आने से वंचित रह सकते हैं।

मुकदमे में यह भी दलील दी गई है कि यह नीति अमेरिकी संविधान और मौजूदा आव्रजन कानूनों की भावना के खिलाफ है। राज्यों का मानना है कि आव्रजन नीति का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को संतुलित रखना होना चाहिए।

वहीं ट्रम्प समर्थकों का तर्क है कि गोल्ड कार्ड से अमेरिका को निवेश मिलेगा और अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। लेकिन विरोधी पक्ष इसे सामाजिक असमानता बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं। यह मामला अब अमेरिकी न्याय प्रणाली के समक्ष है और इसके फैसले का असर भविष्य की आव्रजन नीतियों पर पड़ सकता है।

#ट्रम्प #गोल्डकार्ड #अमेरिकामुकदमा #वीजान्यूज #अंतरराष्ट्रीयसमाचार