सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका की ट्रंप सरकार एक और विवाद के केंद्र में आ गई है। प्रशासन ने करीब 10 मिलियन डॉलर (लगभग 83 करोड़ रुपये) की गर्भनिरोधक सामग्री—जैसे कि कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स, आईयूडी और बर्थ कंट्रोल इम्प्लांट्स—को नष्ट करने का फैसला किया है। इस कदम को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और डॉक्टरों ने तीखी आलोचना की है।
जानकारी के अनुसार, ये दवाइयां बेल्जियम के जील शहर के एक गोदाम में रखी गई हैं और फ्रांस में जुलाई के अंत तक इन्हें जलाने की योजना है। इस प्रक्रिया पर 1.67 लाख डॉलर का खर्च भी आएगा।
अमेरिका के विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि यह गर्भनिरोधक सामग्री पूर्ववर्ती बाइडेन प्रशासन की USAID डील से जुड़ी हुई है। ट्रंप ने जनवरी 2025 में सत्ता में आते ही USAID (United States Agency for International Development) कार्यक्रम को बंद कर दिया था, जो दुनिया के कई विकासशील देशों, विशेषकर उप-सहारा अफ्रीका की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं और गर्भनिरोधक सामग्री प्रदान करता था।
इस फैसले के खिलाफ कई यूरोपीय देश भी विरोध में आ खड़े हुए हैं और दवाइयों को नष्ट करने की प्रक्रिया रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से लाखों महिलाओं के गर्भनिरोधक साधनों तक पहुंच प्रभावित होगी और यह महिला स्वास्थ्य और अधिकारों पर सीधा हमला माना जा रहा है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनियाभर में यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। अब देखना यह है कि इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के सामने ट्रंप प्रशासन झुकेगा या नहीं।
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