सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा 12 से 14 फरवरी के बीच राष्‍ट्रीय शोधार्थी समागम के दूसरे संस्करण का आयोजन प्रारंभ होगा। भारत के ज्ञान, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, मानविकी सहित अलग-अलग विषयों में भारत केन्द्रित शोध को प्रोत्‍साहन देने के उद्देश्‍य से आयोजित इस समागम में देश भर से 300 से अधिक शिक्षाविद्, अनुसंधानकर्ता, स्‍वतंत्र शोधकर्ता भाग लेंगे।
दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्‍थान के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत के पुनरुत्‍थान पर केन्द्रित शोध दृष्टि के प्रोत्‍साहन को लेकर संस्‍थान द्वारा राष्ट्रीय शोधार्थी समागम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। वीर भारत न्यास, संस्कृति विभाग, उच्‍च शिक्षा विभाग, मध्‍यप्रदेश शासन, राष्‍ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्‍थान, मध्‍यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय इस आयोजन के सह आयोजक हैं। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष शुरु की गई समागम की यह पहल अकादमिक विमर्श को भारत केंद्रित बनाने की दिशा में अत्यंत सार्थक सिद्ध हुई है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस समागम में देश भर के 30 से अधिक शिक्षाविद् और विद्वान 14 से अधिक सत्रों को संबोधित करेंगे, संवाद करेंगे और विविध विषयों पर अपने सुझाव देंगे। समागम में प्रमुख रूप से भारत केंद्रित अनुसंधान, विचारों का आदान-प्रदान, भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रवाह, शोध रणनीति तैयार करना, शोधकर्ताओं के बीच सहयोग, विकसित भारत-2047 के लक्ष्‍य को पूरा करना, शोध की गुणवत्‍ता, युवा शोधकर्ताओं को सशक्‍त बनाना, अनुसंधान और विकास के लिए नीति तथा अनुसंधान का डिजिटलीकरण विषयों पर चर्चा होगी।
आयोजन सचिव डॉ. अल्पना त्रिवेदी ने जानकारी दी कि तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में शिक्षाविद् और शोधार्थियों द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित, साझा और विस्‍तारित ग्रामीण, विकास, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, सेवा, सतत और आर्थिक विकास में भारत केन्द्रित अनुसंधान के माध्‍यम से भारतीय सन्‍दर्भ को उपयोगी बनाने, नवाचार, बहुविषयी दृष्टिकोण का विकास, विकसित भारत-2047 के लक्ष्‍य के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देने, अनुसंधान विधि और सहायता के लिए नये रास्‍ते तलाशने, युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्‍साहित और सशक्‍त बनाने, सार्वजनिक नीति पर शोध के प्रभाव आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
राष्‍ट्रीय शोधार्थी समागम का उद्घाटन सत्र मध्‍यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सभागार में आयोजित किया जाएगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि और प्रख्यात विचारक एवं लेखक सुरेश सोनी सारस्वत अतिथि होंगे। उद्घाटन सत्र में इन्दर सिंह परमार (उच्‍च शिक्षा मध्‍यप्रदेश शासन), आचार्य मिथिलेश नन्दिनीशरण (पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ, श्रीहनुमन्निवास, अयोध्‍या) एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष प्रो. मधुकर एस पडवी की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी।
शोधार्थी समागम विविध सत्रों में मुख्‍य रूप से, पद्मश्री डॉ. कपिल तिवारी (भोपाल), पद्मश्री जे. के. बजाज (चेन्नई), प्रो. गिरीश्वर मिश्र (वर्धा), जे. नंदकुमार (दिल्ली), प्रो. संजीव कुमार शर्मा (मेरठ), प्रो. चंद्रकला पाडिया (बनारस), स्वामी नरसिम्हानंद (कालीकट), प्रो. वी.के. मल्‍होत्रा (दिल्‍ली), डॉ. मुरलीधर चाँदनीवाला (रतलाम), प्रो. जी. एस. मूर्ति (इंदौर), प्रो. राम नाथ झा (नई दिल्ली), प्रो. सच्चिदानंद मिश्रा (आइसीपीआर दिल्ली), प्रो. आशीष श्रीवास्तव (बीएचयू वाराणसी), प्रो. विजय मनोहर तिवारी (कुलगुरु एमसीयू भोपाल), प्रो. सी.सी. त्रिपाठी (भोपाल), प्रो. अनिल कोठारी (भोपाल), प्रो. नचिकेता तिवारी (आईआईटी कानपुर), प्रो. आशीष पाण्‍डे (आईआईटी मुम्‍बई), प्रो. यतीन्द्र सिंह सिसोदिया (उज्जैन), डॉ. अमरनाथ रेड्डी (हैदराबाद), प्रो. अंकुर जोशी (राजस्थान), आशुतोष भटनागर (दिल्ली), प्रो. आनंद बर्धन (दिल्ली), संदीप सिंह (मुंबई) अपने विचार रखेंगे। साथ ही नैमिषारण्य की परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए नैमिष वार्ता का एक सत्र रखा जाएगा जिसमें दार्शनिक आचार्य मिथिलेश नन्दिनीशरण (पीठाधीश्वर, सिद्धपीठ, श्रीहनुमन्निवास, अयोध्‍या) शोधार्थियों से संवाद करेंगे।

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