भोपाल । चोरों और बम-बारुद का का पता लगाने वाले पुलिस के स्नीफर डॉग को ही कुछ लोग चुरा ले गए। पुलिस ने कडी मशक्कत के बाद आखिरकार स्नीफर डॉग को झांसी से बरामद कर लिया है। इस मामले में डॉग मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला प्रदेश के टीकमगढ जिले का है। यहां निवाड़ी के ओरक्षा में पुलिस के स्नीफर डाग को ही कुछ लोग चुरा ले गए।
बदनामी के डर से पुलिस ने मामले को कुछ समय तक दबाए रखा और डाग का पता लगाया। डाग को पुलिस ने चिरगांव झांसी के बाहुबलियों के यहां से बरामद भी कर लिया है। इस मामले में दोषी डाग के मास्टर को निलंबित कर दिया है। ओरक्षा में पर्यटक अधिक संख्या में आते हैं। इसलिए यहां पर निवाड़ी पुलिस ने ओरक्षा के पर्यटक धर्मशाला में रखा है। डाग लेब्रा प्रजाति का है। बताया जाता है कि 19 अप्रैल को डाग के मास्टर जमना प्रसाद अहिरवार इसे घुमाने के लिए रामराजा मंदिर के पास ले गया था।
इसके बाद रात 11.30 बजे के करीब मंदिर के पास से बारात गुजर रही थी। बारात में डीजे व आतिशबाजी चल रही थी। इसी दौरान जमना प्रसाद के हाथ से डाग छूट गया और वह डीजे व पटाखों से डरकर भाग गया। इसके बाद डाग का पता नहीं चला। जब कुत्ता नहीं मिला तो डाग मास्टर ने कुत्ते का पता लगाने के लिए मंदिर के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमें पता चला कि कुछ लोग डाग को स्कार्पियो वाहन से लेकर गए हैं।
इस बात की सूचना जमना अहिरवार ने पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद तकरीबन 24 घंटे की तलाश के बाद पता चला कि जो लोग डाग को ले गए हैं वे चिरगांव झांसी के हैं। इसके बाद पुलिस चिरगांव पहुंची और डाग को ले आई। बताया जाता है कि डाग ले जाने वाले क्षेत्र के बाहुबली हैं।