सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : थाईलैंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। केवल 24 घंटे में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बदल दिया गया है। गुरुवार को गृह मंत्री फुमथम वेचायाचाई को देश का नया कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। उन्होंने सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट की जगह ली, जो बुधवार को ही पीएम बनाए गए थे। सूर्या को पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा के निलंबन के बाद अंतरिम रूप से पीएम बनाया गया था।

पाइतोंग्तार्न शिनावात्रा, जो पूर्व पीएम थाकसिन शिनावात्रा की बेटी हैं, पर कंबोडिया के नेता से फोन पर विवादित बातचीत करने का आरोप लगा। बातचीत में उन्होंने थाई सेना प्रमुख की आलोचना की थी, जिससे विवाद खड़ा हो गया। कोर्ट ने इसे मंत्री पद की नैतिकता का उल्लंघन माना और उन्हें पद से हटा दिया।

गुरुवार को थाई कैबिनेट की आपात बैठक में फुमथम के नाम पर सहमति बनी, जिसे राजा महा वजीरालोंगकोर्न ने स्वीकृति दी। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब जनता के विरोध और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

शिनवात्रा परिवार और अस्थिरता का पुराना रिश्ता

शिनवात्रा परिवार पिछले दो दशकों से थाई राजनीति में छाया हुआ है, लेकिन हर बार सत्ता में आते ही विवादों में घिर कर बाहर होना इस परिवार की नियति बन चुका है। 2001 में थाकसिन शिनावात्रा ने गरीबों के लिए योजनाएं चलाईं, लेकिन 2006 में तख्तापलट में सत्ता गंवाई। उनकी बहन यिंगलक शिनवात्रा भी 2014 में कोर्ट और सेना के गठजोड़ से सत्ता से बाहर कर दी गईं।

अब 2024 में थाकसिन की बेटी पाइतोंग्तार्न ने सत्ता में वापसी की थी, लेकिन सिर्फ 10 महीने बाद ही उन्हें भी हटा दिया गया। सेना और शाही समर्थक ताकतें अभी भी थाई राजनीति पर पूरी तरह हावी हैं, जिससे बार-बार लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर किया जाता है।

थाईलैंड में इस बार भी जनता में नाराजगी है। विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और सवाल यह उठता है कि क्या देश में लोकतंत्र स्थायी रूप से टिक पाएगा या फिर सत्ता की यह खींचतान जारी रहेगी।

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