सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / नई दिल्ली : इलॉन मस्क आज टेस्ला का सबसे बड़ा चेहरा हैं, लेकिन वे इसके फाउंडर नहीं थे। टेस्ला की शुरुआत 2003 में दो इंजीनियर्स मार्टिन एबरहार्ड और मार्क टारपेनिंग ने की थी। 2004 में मस्क ने इसमें 65 लाख डॉलर का निवेश किया और चेयरमैन बने। उन्होंने डिजाइन से लेकर तकनीक तक हर पहलू में गहरा हस्तक्षेप किया।
साल 2008 की वैश्विक मंदी के दौरान टेस्ला गंभीर संकट में थी। ग्राहकों से लिया बुकिंग अमाउंट भी कंपनी खर्च कर चुकी थी। मस्क निजी उधारी लेकर कंपनी को चलाते रहे। तनाव इतना बढ़ गया कि वे नींद में भी चिल्लाने लगे। उनकी गर्लफ्रेंड तालुलाह ने बताया कि मस्क को देखकर लगता था जैसे उन्हें कभी भी दिल का दौरा पड़ सकता है।
इसके बावजूद मस्क ने हार नहीं मानी। उन्होंने टेस्ला की पहली कार रोडस्टर को सफलता दिलाई। इसके बाद मॉडल S, 3, X और Y जैसी कारों ने टेस्ला को दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी बना दिया। 2024 में कंपनी ने 17.8 लाख गाड़ियां डिलीवर कीं और करीब 6.90 लाख करोड़ रुपये की कमाई की।
टेस्ला को जीरो-एमिशन व्हीकल्स पर रेगुलेटरी क्रेडिट्स भी मिलते हैं, जिससे 2024 में कंपनी ने 0.24 लाख करोड़ रुपये कमाए। मस्क के नेतृत्व में टेस्ला ने सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी क्रांति ला दी। अब टेस्ला भारत में भी अपना पहला शोरूम खोलने जा रही है।
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