सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं।
टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोश्चेज ने भी माना है कि टीम को टर्निंग पिचों और बड़े मैदानों के लिए बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है।
भारत का स्कोरिंग रेट बेहद कम टूर्नामेंट में भारत ने ऑफ स्पिन के खिलाफ सबसे ज्यादा 102 गेंदें खेलीं। 6 से ज्यादा ओवर ऑफ स्पिन खेलने वाली 13 टीमों में भारत का रन रेट केवल 6.23 रहा है। इस मामले में भारत से खराब प्रदर्शन सिर्फ नेपाल और ओमान का रहा। बाकी सभी टीमों ने ऑफ स्पिन के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा के रन रेट से बल्लेबाजी की।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर में 3 लेफ्ट हैंडर्स हैं। ऑफ स्पिन को टैकल करने के लिए नंबर-3 पर तिलक वर्मा की जगह कप्तान सूर्यकुमार यादव को बैटिंग करनी चाहिए।
लेफ्टी बैटर्स के खिलाफ ऑफ स्पिन हथियार भारतीय टीम में ईशान किशन, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे लेफ्टी बैटर्स ने विपक्षी कप्तानों का काम आसान कर दिया है। नीदरलैंड के आर्यन दत्त ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्होंने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को पवेलियन पर भेजकर टीम इंडिया को शुरुआत में ही मुश्किल में डाल दिया था।
अभिषेक बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए थे, जबकि ईशान किशन 7 गेंदों में 18 रन बना कर आउट हुए। वहीं नामीबिया के जेरार्ड इरास्मस ने भी भारतीय टॉप ऑर्डर को काफी परेशान किया। भारत का ऑफ स्पिन के खिलाफ औसत भी मात्र 13.25 का रहा है। यानी टीम इंडिया ऑफ स्पिनर्स के खिलाफ 14 रन बनाने में एक विकेट गंवा दे रही है।
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