सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / मुंबई : देश के सबसे बड़े उद्योग समूह टाटा ग्रुप में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के निदेशक आज मुंबई में बैठक करेंगे। इस विवाद की जड़ टाटा संस की लिस्टिंग को लेकर है। कुछ ट्रस्टी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि लिस्टिंग से उनके अधिकार कमजोर हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, टाटा ग्रुप के भीतर दो धड़े बन चुके हैं। एक धड़ा लिस्टिंग के पक्ष में है, जबकि दूसरा इसके खिलाफ है। इस मामले को शांत करने के लिए सरकार भी हस्तक्षेप कर रही है और सुनिश्चित कर रही है कि समूह की प्रतिष्ठा और कारोबारी स्थिति को कोई नुकसान न पहुंचे।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को सरकारी अधिकारियों ने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठक की थी। बैठक का मकसद विवाद सुलझाना और बोर्डरूम की लड़ाई को समाप्त करना था, ताकि कंपनी को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो। विशेषज्ञ मानते हैं कि आज की बैठक टाटा ग्रुप के भविष्य और ट्रस्ट्स के अधिकारों के संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। यदि दोनों पक्ष समझौता करते हैं, तो यह देश की सबसे प्रतिष्ठित इंडस्ट्री समूहों में से एक के भीतर स्थिरता ला सकता है। इससे पहले भी टाटा समूह ने अपने प्रबंधन विवादों को शांति और सहमति से हल किया है, लेकिन इस बार लिस्टिंग को लेकर विवाद अधिक गहरा है। निवेशक और कारोबारी समुदाय आज की बैठक के परिणाम पर ध्यान लगाए हुए हैं।
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