सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  स्विस नेशनल बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंकों में भारतीयों की कुल जमा राशि 2024 में तीन गुना बढ़कर 3.5 अरब स्विस फ्रैंक (लगभग ₹37,600 करोड़) हो गई है। वर्ष 2023 में यह राशि सिर्फ 1.04 अरब फ्रैंक (करीब ₹11,000 करोड़) थी। यह 2021 के बाद का उच्चतम स्तर है, जब ₹41 हजार करोड़ जमा थे।

हालांकि, इस बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जरिए आया फंड है। व्यक्तिगत खातों में केवल 11% यानी ₹3,675 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। बाकी रकम संस्थागत निवेश, बॉन्ड्स और सिक्योरिटीज के रूप में दर्ज की गई है।

यह पूछे जाने पर कि क्या यह काला धन है, विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि हर स्विस बैंक खाता अवैध नहीं होता। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच 2018 से वित्तीय सूचनाओं के आदान-प्रदान का समझौता है, जिसके तहत भारत को हर साल खातों की जानकारी मिलती है।

सरकार टैक्स चोरी और अवैध फंड्स पर नजर बनाए हुए है। जानकारों का मानना है कि यह पैसा भारत की ग्लोबल फाइनेंशियल गतिविधियों और निवेशों से भी जुड़ा हो सकता है।

स्विस बैंक अपनी गोपनीयता के लिए प्रसिद्ध हैं और अक्सर बड़े निवेशकों, कारोबारियों और अमीर लोगों के पसंदीदा रहते हैं। हालांकि, यदि कोई अवैध लेनदेन है, तो भारत सरकार जांच के लिए तैयार है।

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