सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल के इनक्यूबेशन डिपार्टमेंट द्वारा विद्यार्थियों के लिए स्टार्टअप के लीगल और एथिकल स्टेप्स विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने से जुड़ी कानूनी और नैतिक प्रक्रियाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बी.बी. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने के लिए सही योजना, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कानूनी प्रक्रियाओं को समझना बहुत जरूरी होता है। उन्होंने नए स्टार्टअप को स्थापित करने के लिए बनाई गई सरकारी नीतियों और उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। शर्मा ने विद्यार्थियों को समझाने के लिए अमेज़न, ब्लिंकिट जैसे सफल स्टार्टअप के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि एक अच्छे विचार को सही दिशा में मेहनत करके कम जोखिम के साथ बड़े बिजनेस में बदला जा सकता है। स्टार्टअप में जोख़िम के बारे सभी विद्यार्थियों को बताते हुए उन्होंने कहा कि बिजनेस और युद्ध में एक ही सिद्धांत लागू होते हैं”, इसलिए व्यवसाय में भी सही योजना,धैर्य और सही समय पर निर्णय लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है।
अपने संबोधन में शर्मा ने लेबर लॉ, कॉपीराइट जैसे कानूनी विषयों पर भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कानून और नैतिकता के बीच का अंतर सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए दोनों का पालन करना आवश्यक है और साथ ही बिजनेस में पारदर्शिता का भी ध्यान रखना चाहिए। शर्मा ने भोपाल के स्टार्टअप सागर गैरे का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक छोटे स्टार्टअप को मेहनत और सही योजना के माध्यम से बड़े बिजनेस में बदला जा सकता है। साथ ही उन्होंने गुजरात के लोगों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के युवा कम उम्र से ही नौकरी के बजाय व्यवसाय और स्टार्टअप की ओर अधिक रुचि दिखाते हैं। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के बारे में भी बताते हुए कहा कि एजुकेशन सेक्टर में स्टार्टअप की संभावनाएं हमेशा अच्छी रही हैं। जिन विद्यार्थियों की विज्ञान और अंग्रेजी विषयों पर अच्छी पकड़ होती है, वे शिक्षा के क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। शर्मा ने कहा चार दशक पहले भी जिन लोगों की इन विषयों में अच्छी पकड़ होती थी, वे ट्यूशन और कोचिंग के माध्यम से अपना शिक्षण कार्य शुरू कर देते थे। आज डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से जुड़ कर शिक्षा के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करना और भी आसान हो गया है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति को अपने विषय में अच्छी पकड़ होना चाहिए। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के सीका डिपार्टमेंट की सलाहकार भारती शर्मा तथा विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में इनक्यूबेशन डिपार्टमेंट की डायरेक्टर शुचि मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।