सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और देश के बाज़ार में अपनी कॉफी नेतृत्व क्षमता को और गहरा करने की योजना को पुनः सुदृढ़ करते हुए, स्टारबक्स कॉफी कंपनी ने आज फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप की स्थापना की घोषणा की। टाटा स्टारबक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से, यह फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप स्थानीय एग्रोनॉमिस्ट और किसानों को ओपन-सोर्स एग्रोनॉमी के माध्यम से वैश्विक कृषि-विशेषज्ञता और सर्वोत्तम खेती प्रथाओं से जोड़ेगा।
स्टारबक्स कॉफी ट्रेडिंग कंपनी, एसएआरएल — स्टारबक्स की वैश्विक प्रोक्योरमेंट और ट्रेडिंग इकाई — टाटा स्टारबक्स के साथ मिलकर 2030 तक 10,000 किसानों को सशक्त बनाने में सहयोग करेगी। कर्नाटक स्थित यह फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप , टाटा स्टारबक्स के स्थानीय अनुभव, भारत की कॉफी उत्पादन विरासत और स्टारबक्स की दशकों पुरानी वैश्विक एग्रोनॉमी विशेषज्ञता को सम्मिलित करेगा। यह पहल भारत के प्रमुख कॉफी उत्पादक राज्यों—कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल—के किसानों का समर्थन करेगी, ताकि वे स्टारबक्स के वैश्विक नेटवर्क से जुड़ सकें, नवाचार को बढ़ावा मिल सके, और खेती एवं स्थिरता से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा कर सकें, जिससे भारत की कॉफी का भविष्य अधिक टिकाऊ बन सके।
फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप भारत में किसानों के साथ साझेदारी में तकनीकी “मॉडल फार्म” स्थापित करेगा, जहाँ वैश्विक ज्ञान का समावेश करते हुए कॉफी एग्रोनॉमी की सर्वोत्तम प्रथाएँ अपनाई जाएँगी तथा टिकाऊ समाधान परीक्षण किए जाएँगे। भारत में यह फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप नए किस्मों के परीक्षण का केंद्र होगा, भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत खेती तकनीकों का ज्ञान देगा, और कृषि-वनीकरण (एग्रोफॉरेस्ट्री) पहलों से जुड़े निष्कर्ष साझा करेगा, जिससे कॉफी की गुणवत्ता, उत्पादकता और जलवायु सहनशीलता में सुधार हो सके।
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक विधियों के आधार पर किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता और लाभप्रदता दोनों में सुधार करने में सक्षम बनाना है। फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप स्टारबक्स के वैश्विक नेटवर्क के मौजूदा उत्कृष्टता केंद्रों के साथ निकटता से काम करेगा। इसमें दुनिया भर के कॉफी-उत्पादक क्षेत्रों में स्थित फ़ार्मर सपोर्ट सेंटर्स के साथ सहयोग शामिल है, जहाँ एग्रोनॉमिस्ट सीधे किसानों के साथ अनुसंधान करते हैं। यह स्टारबक्स सप्लाई चैन के मौजूदा “मॉडल फार्मों” से भी सीख लेगा। इस नेटवर्क में एपीएसी क्षेत्र के एफएससी — नॉर्थ सुमात्रा (इंडोनेशिया) और युन्नान (चीन) — तथा हासिएन्दा आलसिया (कोस्टा रिका) भी शामिल हैं, जो स्टारबक्स का पहला कंपनी स्वामित्व वाला कॉफी फार्म है तथा स्टारबक्स कोस्टा रिका फ़ार्मर सपोर्ट सेंटर और ग्लोबल रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम का मुख्यालय भी है।
फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप के माध्यम से भारतीय किसानों को स्टारबक्स के 2026 ग्लोबल डिजिटल ट्रेनिंग टूल्स का भी लाभ मिलेगा, जिनमें एग्रोनॉमी, कॉफी गुणवत्ता और सी.ए.एफ.ई. (कॉफी और किसान इक्विटी) प्रथाओं पर विस्तृत ऑनलाइन मॉड्यूल शामिल होंगे, जो नैतिक सोर्सिंग, उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ावा देंगे। यह किसानों को पुनर्योजी कृषि प्रथाओं, कार्बन, पानी और अपशिष्ट पदचिह्न कम करने के तरीकों तथा एग्रोफॉरेस्ट्री और सामाजिक विकास पहलों के बारे में भी शिक्षित करेगा।
फ़ार्मर सपोर्ट पार्टनरशिप अगले पाँच वर्षों में कॉफी उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार और जलवायु सहनशीलता को मजबूत करने जैसे स्टारबक्स के प्रमुख लक्ष्यों पर आधारित परियोजनाएँ विकसित करेगा। भारत की संपूर्ण कॉफी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए, टाटा स्टारबक्स अगले पाँच वर्षों में किसानों को दस लाख उच्च-उपज वाली अरेबिका पौध दान करेगा।
भारत की यात्रा के दौरान, ब्रायन निकोल, चेयरमैन एवं सीईओ, स्टारबक्स ने कहा:
“भारत हमारे सबसे तेज़ी से बढ़ते बाजारों में से एक है। हम टाटा के साथ मिलकर भारत में कॉफी का भविष्य आकार दे रहे हैं—किसानों के समर्थन से लेकर समुदायों को सशक्त बनाने और ग्राहकों को सर्वोत्तम गुणवत्ता का अनुभव प्रदान करने तक। यह एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है, जो एक मजबूत और टिकाऊ कॉफी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगी, जो ‘बीन से कप’ तक सभी को लाभ देगी।”
सुनील डी’सूज़ा, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, टाटा कंज़्यूमर प्रॉडक्ट्स ने कहा:
“पिछले एक दशक में, टाटा कंज़्यूमर प्रॉडक्ट्स और स्टारबक्स ने मिलकर भारत की बढ़ती कॉफी संस्कृति और उद्योग को आकार दिया है। इस नई पहल के साथ, हमें खुशी है कि स्टारबक्स की वैश्विक एग्रोनॉमी विशेषज्ञता और भारत में टाटा के मजबूत नेटवर्क को मिलाकर हम देश में जिम्मेदार एवं टिकाऊ कॉफी खेती का भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।”
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