सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़  भोपाल  /   नई दिल्ली :   कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा कि भारत को इस मुद्दे पर नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी मानवता और नैतिकता के खिलाफ है और यह भारत की पुरानी विदेश नीति से भी अलग है। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत का रुख पीएम नरेंद्र मोदी और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की निजी दोस्ती से प्रभावित दिखाई देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश नीति व्यक्तिगत रिश्तों से तय नहीं होनी चाहिए।

गांधी ने बताया कि दुनिया के 193 देशों में से 150 से अधिक देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी है। इसके बावजूद भारत ने हाल ही में इजराइल के साथ निवेश समझौता किया और दक्षिणपंथी मंत्री की मेजबानी भी की। उन्होंने कहा कि चुप रहना अन्याय को चुपचाप समर्थन देने जैसा है। सोनिया गांधी ने गाजा की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अक्टूबर 2023 से अब तक 55 हजार फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें 17 हजार बच्चे भी शामिल हैं। स्कूल, अस्पताल, घर और उद्योग नष्ट हो गए हैं। उन्होंने भारत से अपील की कि वह अपने मूल्यों और आजादी की विरासत के अनुसार फिलिस्तीन के पक्ष में नेतृत्व करे और न्याय तथा मानवाधिकारों के लिए खड़ा हो।

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