सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नेक बेंगलुरु द्वारा ए+ ग्रेड प्राप्त श्री सत्य साई महिला महाविद्यालय भोपाल में गीता जयंती मनाई गयी। जिसके मुख्य वक्ता थे दीन सुदामा प्रभु, भक्ति शास्त्र स्नातक व कंप्यूटर साइंस इंजीनियर गुरुग्राम एवं डॉ. मालती जोशी वरिष्ठ प्राध्यापक गृह विज्ञान, श्री सत्य साई महिला महाविद्यालय भोपाल।


सर्वप्रथम स्वागत भाषण द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ.नीना अरोरा ने अतिथियों का स्वागत किया एवं गीता के अध्ययन, मनन के महत्व पर प्रकाश डाला।
निदेशक डॉ.प्रतिभा सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि -श्री सत्य साई महिला महाविद्यालय अपनी गुणवत्तापूर्ण मूल्यपरक शिक्षा के माध्यम से छात्राओं का सर्वांगीण विकास कर उन्हें सशक्त बना रहा है। गीता में कर्म की बात कही गई है। छात्राओं को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा किताबों को बनाना चाहिए। जिसमें इन प्राचीन ग्रंथो को स्थान अवश्य दें यह आपको जीवन जीना सिखाती है और कर्मठ बनाती है।
मुख्य वक्ता दीन सुदामा प्रभु ने अपने उद्बोधन में कहा कि-भगवद्गीता व्यापक रूप से एक मार्गदर्शक माना जाता है जो जीवन के उद्देश्य ,कर्तव्य, नैतिकता और मोक्ष प्राप्त करने के तरीके के बारे में गहन अंतर्दृष्टि और मार्गदर्शन प्रदान करता है ।यह जीवन की चुनौतियों का सामना करने और एक सार्थक जीवन जीने के लिए व्यावहारिक दर्शन प्रदान करता है।
द्वितीय वक्ता डॉ. मालती जोशी ने अपने वक्तव्य में गीता के उपदेश की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए गीता के उपदेशों को सरलता के साथ छात्राओं से साझा किया और कहा कि इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं, यह आपके जीवन को दिशा प्रदान करेंगी।
विधि प्राचार्य डॉ. अंजू बाजपेई ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं को अतिथियों एवं महाविद्यालय निदेशक द्वारा श्रीमद्भगवत गीता पुस्तक प्रदान की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन सह प्राध्यापक हिंदी डॉ. अनुराधा सिंह ने किया।

#गीताजयंती #सत्यसायमहिलामहाविद्यालय #सांस्कृतिककार्यक्रम #भारतीयसंस्कृति #शिक्षासंस्थान #आध्यात्मिकज्ञान #समाचार