सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर गुरुवार को इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल (ITC) ने मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप तय कर दिए हैं। हसीना के साथ देश के पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व IGP चौधरी अब्दुल्लाह अल मामून भी सह-आरोपी बनाए गए हैं। सुनवाई 3 अगस्त से शुरू होगी।

📌 मुख्य बिंदु:

1400 लोगों की हत्या, अपहरण, और देशद्रोह के 225 से अधिक मामलों में नामजद

तख्तापलट के बाद से भारत में रह रहीं हैं शेख हसीना

वायरल ऑडियो में प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश देते सुनी गईं

ITC ने अदालत की अवमानना के लिए छह महीने की जेल भी सुनाई

📖 पूरा मामला:

2024 में बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्रों द्वारा किए गए व्यापक विरोध प्रदर्शन के दौरान 1,400 से अधिक नागरिकों की मौत हुई थी। इन मौतों के लिए सीधे तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को जिम्मेदार ठहराया गया है।

हसीना सरकार के दौरान छात्रों पर की गई हिंसक कार्रवाई के पीछे की साजिश, ऑडियो क्लिप्स और गवाहों के जरिये सामने आई है।

बीबीसी और द डेली स्टार ने पुष्टि की है कि शेख हसीना द्वारा एक अज्ञात सरकारी अधिकारी से फोन पर यह कहा गया था —

“जहां प्रदर्शनकारी दिखें, उन्हें गोली मार दो। मैंने खुला आदेश जारी किया है।”

इस ऑडियो के लीक होने के बाद ITC ने कार्रवाई तेज करते हुए मानवता के खिलाफ अपराध, हत्या, भीड़ को उकसाने और सरकारी ताकतों के दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए।

पूर्व IGP चौधरी अब्दुल्लाह अल मामून ने अपना जुर्म कबूल कर सरकारी गवाह बनने के लिए अर्जी दी है, जिससे मामले को और बल मिला है।

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