सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सेबी ने एक और सख्त कदम उठाया है। अमेरिकी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट समूह और उसकी तीन सहयोगी कंपनियों — जेएसआई2 निवेश, जेन स्ट्रीट एशिया ट्रेडिंग और जेन स्ट्रीट सिंगापुर — पर शेयर बाजार में हेराफेरी के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया गया है। सेबी ने पाया कि J जेन स्ट्रीट समूह  ने 17 जनवरी 2024 को बैंक निफ्टी और निफ्टी 50 इंडेक्स की क्लोजिंग को अपनी ऑप्शंस ट्रेडिंग रणनीति के अनुरूप प्रभावित किया। कंपनी ने पहले भारी मात्रा में शेयर और फ्यूचर्स खरीदे, जिससे मार्केट ऊपर गया, फिर दोपहर में आक्रामक बिक्री की, जिससे बाजार गिर गया। इस गिरावट से उन्हें पुट ऑप्शंस में करोड़ों का मुनाफा हुआ।

सेबी की जांच में पता चला कि जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच जेन स्ट्रीट ने भारत में कुल ₹44,358 करोड़ का मुनाफा कमाया, जिसमें से ₹4,843.57 करोड़ को सेबी ने “अवैध कमाई” बताया है। इस राशि को जब्त करने और कंपनी के खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया है।

इस हेराफेरी से कई रिटेल निवेशकों को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि उन्हें फर्जी मार्केट मूवमेंट्स के आधार पर गलत निर्णय लेने पड़े। सेबी ने इसे निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है।

जेन स्ट्रीट ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह नियामक के साथ सहयोग करेगी। सेबी ने कंपनी को 21 दिनों का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई में और भी सख्त कार्रवाई की संभावना है।

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