सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / उज्जैन  : विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के स्वर्ण जयंती सभागार में ‘सारस्वत सम्मान 2025’ समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह ने बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि – “मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशा है कि विक्रम विश्वविद्यालय की पहचान विशिष्ट हो और यह हर स्तर पर अपना परचम फहराए।” उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी को इस लक्ष्य को साकार करने के लिए प्राणपण से जुटना होगा।


इस समारोह में कुलगुरु अर्पण भारद्वाज, कुलसचिव अनिल शर्मा, तथा कार्यपरिषद सदस्य वरुण गुप्ता, रूप पमनानी, संजय वर्मा, मंजूषा मिमरोट, कुसुमलता निगवाल, एस.के. मिश्रा, दीपक गुप्ता, कामरान सुल्तान, अलका व्यास समेत विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, प्राध्यापक, शोधार्थी और अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे। कुलगुरु भारद्वाज ने कहा, “यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री की कर्मभूमि है, और अब अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। यह गौरव का समय है जिसे हमें विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में प्रयोग करना है।” कार्यपरिषद सदस्य वरुण गुप्ता ने धार्मिक संस्कारों के साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास की बात कही, वहीं रूप पमनानी ने मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय के लिए की जा रही प्रतिबद्धताओं को गुरु दक्षिणा की संज्ञा दी।


समारोह में डॉ. हेमंत लोदवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री यादव के प्रयासों से विश्वविद्यालय को ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ नाम मिला, साथ ही पीएम-उषा योजना के तहत ₹100 करोड़ की राशि भी स्वीकृत हुई है। विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, खेल और अधोसंरचना में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। समारोह का संचालन रुचिका खंडेलवाल और आभार प्रदर्शन अजय शर्मा ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की अध्यापन इकाइयों द्वारा सम्मानित अतिथियों का शॉल व श्रीफल से अभिनंदन कर ‘सारस्वत सम्मान’ प्रदान किया गया।

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