सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : गुरु हमें ईश्वर तक पँहुचने का मार्ग बताते है उनका स्थान हमारे जीवन में सर्वोच्च होना चाहिये। इन शब्दो के साथ सभागार में उपस्थित हजारों छात्राओं को संबोधित करते हुए अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. देव आंनद हिंडोलिया ने कहा कि कठोर परिश्रम, आत्मनिर्भरता एक श्रेष्ठ जीवन का आधार है। प्रो. हिंडोलिया मुख्य अतिथि के रूप में संत हिरदाराम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के शिक्षक दिवस के भव्य आयोजन में शामिल हुए। उन्होने छात्राओं को स्वदेशी अपनाने और जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, नवाचार और अनुसंधान के युग में शिक्षक की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों में नैतिकता, समरसता और देशभक्ति का संचार करने पर बल दिया। उन्होने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि देश की बेटियां राष्ट्र की मातृशक्ति हैं, जिन पर भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण का उत्तरदायित्व है।

इस अवसर पर श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं से कहा कि शिक्षा केवल उज्ज्वल भविष्य का साधन नहीं, बल्कि जीवन-मूल्यों की नींव है। उन्होंने चरित्र निर्माण, प्राणायाम, संगति के प्रभाव, समय के सदुपयोग तथा आत्मानुशासन की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम एवं द्रौपदी मुर्मू जैसे महान व्यक्तित्वों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ज्ञान की स्थायित्वता और जीवन में मूल्यों की अपरिहार्यता पर प्रकाश डाला। दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में डॉ. डालिमा पारवानी, प्राचार्य, संत हिरदाराम गल्र्स कॉलेज ने शिक्षक की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं, अपितु जीवन मूल्यों और संस्कारों का भी संचार करता है।

अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि शिक्षक का दायित्व है कि वह विद्यार्थियों को सही प्रश्न पूछने की प्रेरणा दे और उन्हें ईमानदारी, सहनशीलता एवं निरंतर आत्मविकास की ओर उन्मुख करे। अपने उद्बोधन में डॉ. आशीष ठाकुर, निदेशक, संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट ने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों से निरन्तर जुड़े रहने का आग्रह करते हुए कहा कि गुरु का दायित्व शिक्षण तक सीमित न होकर समाज और राष्ट्र के निर्माण से भी जुड़ा हुआ है। इसी अवसर पर संत हिरदाराम मेडिकल कॉलेज ऑफ़ नेचरोपैथी एंड योगिक सांईस के प्राचार्य अंकेश सिंह ने संस्था के आदर्श एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए विनम्रता, समर्पण, अहंकार-त्याग तथा भारतीय संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने हेतु प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दूसरे भाग में शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ छात्राओं द्वारा आर्कषक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। इन कलाकार छात्राओं को मुख्य अतिथि प्रों. देव आंनद हिंडोलिया, कुलगुरू, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा प्रोत्साहन राशि भी दी गई । कार्यक्रम में उपाध्यक्ष हीरो ज्ञानचंदानी, वरिष्ठ सदस्य ए.सी. साधवानी, एकेडमिक डायरेक्टर गोपाल गिरधानी के साथ समस्त संकाय सदस्य, कार्यालयीन कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
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