सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़  भोपाल  : संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज,भोपाल के वाणिज्य विभाग, मैनेजमेंट सर्कल,कॉमर्स क्लब और ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा केस स्टडी पद्धति के माध्यम से सृजनात्मक सोच बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका  विषय पर एक ज्ञानवर्धक और विचारोत्तेजक सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट,इंदौर  के प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्य जगदीश भागवत और मेघा जैन द्वारा संचालित किया गया।

सत्र में वक्ताओं ने बताया कि आज नौकरी पाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है,लेकिन नौकरी में स्वयं को बनाए रखना और  उसमें उत्कृष्टता प्राप्त करना निरंतर सृजनात्मक सोच और अनुकूलन क्षमता की मांग करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया  कि एआई का व्यापक उपयोग परिवर्तनकारी तो है, लेकिन यदि सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण न अपनाया जाए तो यह स्वतंत्र  विचार और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। सत्र का मुख्य संदेश यह था कि एआई को “को-पायलट” के रूप  में देखा जाना चाहिए, जो मानव निर्णय में सहायता करे, न कि “ऑटोपायलट” बनकर मनुष्य की सृजनात्मक सोच की जगह  ले।  सत्र के दौरान छात्रों को केस स्टडी गतिविधि में भाग लेने का अवसर भी मिला,जिसके द्वारा उनकी व्यावहारिक सृजनात्मक  सोच क्षमताओं को सामने लाया।

इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला,जिसमें शुभाना खान और उनकी टीम को  प्रथम स्थान,मारिया खान और उनकी टीम को द्वितीय स्थान और सानिया एवं उनकी टीम को तृतीय स्थान मिला। इसके साथ  ही व्यावसायिक प्रश्नौत्तर का आयोजन किया गया जिसमे सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  इस अवसर पर संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डालिमा पारवानी उपस्थित रही,जिन्होंने चर्चा की गहराई और  प्रासंगिकता की सराहना की। सत्र को छात्राओं की ओर से अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई, जिसने सक्रिय शिक्षा और  आत्ममंथन का वातावरण उत्पन्न हुआ।

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