सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संभावित मुलाकात की चर्चा है, तो दूसरी ओर रूस ने मोर्चे पर अपनी बढ़त बनाने के लिए बड़ा सैन्य हमला कर दिया है। इन दोनों घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह युद्ध अब किसी निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है या संघर्ष और लंबा खिंचने वाला है।
जानकारों के मुताबिक, ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मुलाकात को कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करा सकते हैं। ऐसे में यह मुलाकात शांति वार्ता की संभावनाओं को लेकर नई अटकलों को जन्म दे रही है।
इधर रूस ने रणनीतिक इलाकों में हमला तेज कर यह संकेत दे दिया है कि वह किसी भी संभावित बातचीत से पहले अपनी सैन्य स्थिति मजबूत करना चाहता है। रूसी हमलों से यूक्रेन के कई क्षेत्रों में हालात और गंभीर हो गए हैं, जिससे आम नागरिकों पर संकट बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कूटनीतिक बातचीत और सैन्य कार्रवाई का यह समानांतर चलना युद्ध की जटिलता को दर्शाता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ट्रंप-ज़ेलेंस्की मुलाकात से शांति की राह खुलेगी या रूस-यूक्रेन संघर्ष और अधिक उग्र रूप लेगा। पूरी दुनिया की नजरें अब आने वाले दिनों की घटनाओं पर टिकी हैं