सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़  भोपाल  : रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने भाषण में कहा कि भारत अपने सहयोगी स्वयं चुनता है और इसमें रूस को कोई आपत्ति नहीं है। लावरोव ने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के संबंधों से रूस को कभी कोई चिंता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का हमेशा सम्मान किया गया है और भारत-रूस के संबंध स्थायी और रणनीतिक हैं।

लावरोव ने बताया कि अमेरिका द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर टैरिफ लगाने का भारत-रूस संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लिए शर्तें रखना चाहता है, तो उस पर चर्चा की जा सकती है, लेकिन भारत केवल उन्हीं देशों के साथ अपने ट्रेड और निवेश संबंधों पर विचार करता है जिनके साथ उसका द्विपक्षीय एजेंडा है।”

लावरोव ने भारत-रूस के करीबी सहयोग को भी रेखांकित किया और बताया कि दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान व्यापार, सैन्य, तकनीकी सहयोग, वित्त, स्वास्थ्य और AI समेत अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की स्थायी UNSC सदस्यता के लिए रूस का समर्थन जारी है।

भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने मॉस्को में लावरोव और पुतिन से मुलाकात के दौरान भारत-रूस व्यापार संतुलन, नॉन-टैरिफ मुद्दों और इंपोर्ट बढ़ाने पर भी सहमति जताई। अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत और रूस के संबंध मजबूत हैं और दोनों देश व्यापार घाटा कम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

#भारत_रूस #सर्गेईलावरोव #UNGA #विदेशनीति #रूस