सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस के कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार सुबह 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया, जिसे अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने दुनिया के छह सबसे बड़े भूकंपों में एक बताया है। इस विनाशकारी झटके के बाद रूस, जापान, अमेरिका और चीन सहित 12 देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
भारतीय समयानुसार भूकंप सुबह 4:54 बजे आया, जिसका केंद्र जमीन से 19.3 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भूकंप के चलते कामचटका के तटीय इलाकों में लगभग 5 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठीं, जिससे कई इमारतें ढह गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भूकंप के दौरान कामचटका के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन बीच में नहीं रोका, और ऑपरेशन थिएटर की हिलती दीवारों के बीच सर्जरी पूरी की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरीज सुरक्षित है।
भूकंप से एक किंडरगार्टन स्कूल, कई घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर छतें गिर गईं और सड़कों पर दरारें पड़ गईं। हवाई, जापान और अन्य प्रशांत क्षेत्रों में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, जिससे कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
इस प्राकृतिक आपदा का असर समुद्री जीवन पर भी दिखाई दिया। भूकंप के कुछ घंटों बाद जापान के तटों पर कई व्हेलें बहकर आ गईं, जिससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
सेवेरो-कुरिल्स्क के तटीय क्षेत्र में आई सुनामी से वहां के बंदरगाह और नावों को गंभीर क्षति पहुंची है। राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं।
यह भूकंप न केवल रूस के लिए बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र के लिए चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारियों में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
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